इरफ़ान पठान ने कैमरन ग्रीन को लगाईं लताड़, बोले "आए हो तो पूरा करो"

Irfan Pathan criticizes team's strategy over Cameron Green and Connolly’s limited roles, questioning why players are picked but not fully utilized.

भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने IPL 2026 में टीम के चयन और खिलाड़ियों के इस्तेमाल पर अपनी बेबाक टिप्पणियों से क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। अपने YouTube चैनल पर बोलते हुए पठान ने इस बात पर चिंता जताई कि टीमें कैमरन ग्रीन जैसे अहम ऑलराउंडरों को जिस तरह से संभाल रही हैं, वह सही नहीं है।

“अगर आए हो, तो सब कुछ करो”

कुछ खिलाड़ियों को दी गई सीमित भूमिकाओं को लेकर अपनी हैरानी ज़ाहिर करते हुए पठान ने कोई संकोच नहीं किया। 

उन्होंने कहा, “कैमरन ग्रीन आएंगे, लेकिन गेंदबाज़ी नहीं करेंगे। कॉनॉली भी स्पिनर के तौर पर आएंगे, लेकिन गेंदबाज़ी नहीं करेंगे। मुझे यह समझ नहीं आता। आए हो तो पूरा करो।”

गौरतलब है कि उनका यह बयान कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए IPL के दुसरे मैच के बाद आया है। इस मैच में कोलकाता को मुंबई इंडियंस ने मात दी थी। 

मैच के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान आजिंक्य से जब पूछा गया कि कैमरन ग्रीन ने मैच में गेंदबाजी क्यों नहीं की तो इस पर उन्होंने कहा कि इस बारे में आपको क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछना पड़ेगा।  

रहाणे के इस बयान ने आईपीएल में इस बार बहस छेड़ दी कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने खिलाडियों को आईपीएल में क्यों पूरी तरह से नहीं खेलने दे रहा है। पहले तो ऑस्ट्रेलिया अपने कई खिलाडियों को वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर देर से आईपीएल में आने दे रहा है। 

वहीं जो खिलाड़ी आ भी रहे हैं उन्हें पूरी तरह से उनकी स्किल के हिसाब से नहीं खेलने दे रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने कैमरन ग्रीन को लगभग 25 करोड़ रूपये खर्च करके आलराउंडर के रूप में खरीदा है, और वह एक बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे हैं। 

इसी बात को लेकर भारतीय पूर्व क्रिकेटरों ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बोर्ड पर भड़ास निकाली है। 

इसी बात पर इरफ़ान पठान ने ज़ोर देकर कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को प्लेइंग XI में चुना जाता है, तो उसे खेल के सभी पहलुओं में योगदान देना चाहिए, न कि सिर्फ़ एक भूमिका तक सीमित रहना चाहिए।

टीम के संतुलन को लेकर चिंताएँ

पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने बताया कि ऐसे फ़ैसले टीम के पूरे संतुलन पर असर डाल सकते हैं। ग्रीन जैसे ऑलराउंडरों को अक्सर टीम में खेल के तीनों डिपार्टमेंट- बैटिंग,  फील्डिंग और बोलिंग के लिए खिलाया जाता है। 

हालाँकि, जब उन्हें गेंदबाज़ी करने की इजाज़त नहीं दी जाती, तो इससे टीम की योजना पर असर पड़ता है। क्योंकि टीम उस विशेष खिलाड़ी के इर्द गिर्द ही अपनी सभी योजनाओं को बनाती है। 

अगर कोई खिलाड़ी चोटिल है या पूरी तरह से फिट नहीं है तो आईपीएल खेलने ही नहीं आना चाहिए। 

पठान ने कूपर कॉनॉली का भी ज़िक्र किया और एक ऐसी ही समस्या की ओर इशारा किया, जहाँ स्पिन गेंदबाज़ी के लिए जाने जाने वाले कूपर कॉनॉली का उस क्षमता में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस तेज़

पठान की टिप्पणियों ने प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों, दोनों के बीच चर्चाएँ छेड़ दी हैं। कई लोग इस बात से सहमत हैं कि आधुनिक क्रिकेट में बहुमुखी प्रतिभा की ज़रूरत होती है, और किसी खिलाड़ी के मुख्य कौशल को नज़रअंदाज़ करना उल्टा पड़ सकता है। 

इरफान पठान के अलावा आकाश चोपड़ा ने भी कैमरन ग्रीन को इस्तेमाल करने को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और कैमरन ग्रीन की आलोचना की है उनका कहना है कि अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह से फिट नहीं है तो उसे किसी और की जगह टीम में नहीं होना चाहिए। 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बहाना 

गौरतलब है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस बार के IPL में मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड को लेकर आईपीएल के शुरुआती चरण में आने के इजाजत नहीं दी है।

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इसके पीछे का कारण क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को बताया है क्योंकि इस साल ऑस्ट्रेलिया भारतीय टीम के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी इसीलिए वह अपने सभी टेस्ट खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंतित हैं। यही कारण हैं कि उन्हें ज्यादा मैच का एक्सपोजर नहीं देना चाहती है ताकि खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहे हैं और टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन करें।