क्रिकेट में कई यादगार रिटायरमेंट देखे गए हैं, लेकिन जुलाई 2023 में ओवल में खेले गए पांचवें एशेज टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के शानदार तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड को जो यादगार विदाई मिली, उसकी बराबरी शायद ही कोई कर पाए।
इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज़ों में से एक स्टुअर्ट ब्रॉड ने मैच से पहले ही घोषणा कर दी थी कि यह मैच उनके शानदार इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच होगा। इसके बाद जो कुछ हुआ, वह किसी फ़िल्म की कहानी जैसा लग रहा था।
इंग्लैंड की दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करते हुए ब्रॉड क्रीज़ पर आए, और दर्शकों को पता था कि क्रिकेट के मैदान पर स्टुअर्ट ब्रॉड द्वारा खेली गयी कोई भी गेंद आखिरी क्षण हो सकता था।
एक प्रोफ़ेशनल क्रिकेटर के तौर पर खेली गई अपनी आखिरी गेंद पर ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क की गेंद पर एक ज़बरदस्त छक्का जड़ा, जिससे दर्शक झूम उठे और उनके बल्लेबाज़ी करियर का शानदार अंत हुआ।
ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ।
जब ब्रॉड ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में गेंदबाज़ी करने आए तो फ़ैंस को इस अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ से एक और जादुई पल की उम्मीद थी। उन्होंने ठीक वैसा ही किया। इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी आखिरी गेंद पर ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज़ एलेक्स कैरी को आउट किया, जिन्हें जॉनी बेयरस्टो ने विकेट के पीछे कैच किया।
यह विकेट 15 साल से ज़्यादा लंबे और 600 से ज़्यादा टेस्ट विकेट वाले शानदार करियर का बेहतरीन अंत था। इंग्लैंड ने मैच जीता, जिससे रिटायर हो रहे स्टुअर्ट ब्रॉड के लिए यह मौका और भी खास हो गया।
बल्लेबाज़ के तौर पर खेली गई आखिरी गेंद पर छक्का मारना और फिर गेंदबाज़ के तौर पर फेंकी गई आखिरी गेंद पर विकेट लेना एक बेहद दुर्लभ उपलब्धि है।
बता दें कि स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपने करियर में 167 टेस्ट मैच खेले। इन 167 मैचों में उन्होंने 3662 रन बनाए और 604 विकेट झटके।
स्टुअर्ट ब्रॉड उन चुनिंदा क्रिकेटर में शामिल है जिन्होंने वनडे और टी20 क्रिकेट से ज्यादा टेस्ट मैच खेला है। बता दें कि स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपने करियर में 121 वनडे मैच खेला है जबकि उन्होंने 167 टेस्ट मैच खेले हैं।
वहीं उन्होंने 56 टी20 मैच भी खेले हैं।
एक गेंदबाज के तौर पर यह जानकार हैरानी होती है कि स्टुअर्ट ब्रॉड का टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर 169 रन है, जिसे उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2010 में लॉर्ड्स के क्रिकेट ग्राउंड पर 297 गेंदों पर बनाया था। इस शतक से पहले ब्रॉड ने कभी काउंटी क्रिकेट में भी शतक नहीं लगाया था।
दरअसल इस मैच में पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर की शानदार गेंदबाजी की वजह से इंग्लैंड एक समय 102 रनो पर 7 विकेट हो गया था। फिर 9वें नंबर पर स्टुअर्ट ब्रॉड बैटिंग करने आये। उनके साथ जोनाथन ट्रॉट क्रीज पर थे। 
दोनों के बीच 8वे विकेट के लिए 332 रनो की साझेदारी हुई। यह टेस्ट क्रिकेट में 8वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। जोनाथन ट्रॉट ने 383 गेंदों में 184 रन बनाए।
आखिर में ब्रॉड को सईद अजमल ने एलपीडब्लू आउट किया, लेकिन तब इंग्लैंड 446 रन बना चुका था।



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