क्रिकेट में किसी बल्लेबाज के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपने देश के लिए खेलने के लिए जीतना इंतजार करता है, उतना ही जल्दी वह सोचता है, कि वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाए। लेकिन जब खिलाड़ी की शतक लगाने की लत लग जाती है। तब वह सोचता है कि जल्द से जल्द वह अपने शतकों की संख्या आगे बढ़ाए।
लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कई खिलाड़ी ऐसे हैं,जिन्होंने कई शतक लगाने के बाद अपने अगले अगले शतक के लिए काफी लंबे समय के लिए इंतजार करना पड़ता है। आज हम उन खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे जिन्होंने शतक के बीच सबसे लंबा इंतजार किया है -
आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक के बीच सबसे लंबा गैप रखने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों के बारे में।
1. सनथ जयसूर्या – 88 पारियां
श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में पहले स्थान पर हैं। जयसूर्या को एक अंतरराष्ट्रीय शतक के बाद अगले शतक के लिए 88 पारियों का इंतजार करना पड़ा। उनका यह लंबा गैप 2005 से 2009 के बीच रहा।
2. विराट कोहली – 83 पारियां
भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का नाम इस सूची में दूसरे स्थान पर है। कोहली को 2019 से 2022 के बीच अपने अगले अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए 83 पारियों का इंतजार करना पड़ा।
यह उनके करियर का सबसे लंबा बिना शतक का दौर था। लेकिन इन्होंने इस दौरान भी उन्होंने कई अच्छी पारियां खेलीं, आज के दिन 2022 में एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ इन्होंने शतकों का सूखा समाप्त किया था।
3. बाबर आजम – 83 पारियां
पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम भी इस मामले में विराट कोहली के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। बाबर को 2023 से 2025 के बीच अगले अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए 83 पारियां खेलनी पड़ीं।
4. शिवनारायण चंद्रपॉल – 78 पारियां
वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। चंद्रपॉल को 2008 से 2011 के बीच अपने अगले अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए 78 पारियों का इंतजार करना पड़ा।
5. एबी डिविलियर्स – 67 पारियां
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। डिविलियर्स को 2015 से 2017 के बीच अगले अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए 67 पारियां खेलनी पड़ीं।
'मिस्टर 360 डिग्री' के नाम से मशहूर डिविलियर्स ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेलीं, लेकिन इस दौर में उन्हें शतक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इनकी क्रिकेट में सबसे खास बात यह रही है कि इन्होंने जब भी शतक लगाया है इनका स्ट्राइक रेट 100+ ही रहा है चाहे टेस्ट हो, वनडे हो या टी20 हो।
इन खिलाड़ियों को एक बात और है,इन खिलाड़ियों को भले ही शतक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा हो। लेकिन इनके क्रिकेट बोर्ड ने इन पर हमेशा भरोसा जताया जिससे इनको लगातार मौके मिलते रहे। जिससे यह खिलाड़ी आगे चलकर शतकों के सूखे खत्म करके,देश के लिए अच्छा प्रदर्शन किया।





