दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। ईशान ने 334 गेंदों में 270 रन की कप्तानी पारी खेली, जिसमें 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ ही ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक लगाने का 31 साल पुराना इंतजार भी खत्म हो गया।
आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक पारी से जुड़े खास रिकॉर्ड—
1. ईशान किशन ने खेली 270 रन की शानदार पारी
ईस्ट जोन की पहली पारी में कप्तान ईशान किशन ने 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। ईशान ने इस दौरान 83.06 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
2. ईस्ट जोन के लिए 31 साल बाद आया दोहरा शतक
ईशान किशन के इस दोहरे शतक ने ईस्ट जोन के लिए एक लंबे इंतजार को खत्म किया। इससे पहले ईस्ट जोन की तरफ से दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज सबा करीम थे। सबा करीम ने 1995/96 में वेस्ट जोन के खिलाफ नाबाद 200 रन की शानदार पारी खेली थी।
3. सबा करीम ने 1995 में बनाया था रिकॉर्ड
पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम ने 1995/96 में वेस्ट जोन के खिलाफ ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए 200 रन बनाए थे। वह अपनी इस पारी में नाबाद रहे थे। इसके बाद ईस्ट जोन के किसी बल्लेबाज को दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने के लिए 31 साल का इंतजार करना पड़ा। और इस इंतजार को ईशान किशन ने खत्म किया।
4. ईशान किशन ने सबा करीम के सूची में बनाई जगह
270 रन की पारी के साथ ईशान किशन अब दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की खास सूची में शामिल हो गए हैं।
5. कप्तान के तौर पर भी खास रिकॉर्ड
ईशान किशन की यह पारी कप्तान के तौर पर भी बेहद शानदार रही। दलीप ट्रॉफी फाइनल में कप्तान के तौर पर दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब ईशान किशन का नाम शामिल हो गया है।
इससे पहले 1987 में नॉर्थ जोन के खिलाफ अंशुमान गायकवाड़ ने दोहरा शतक लगाया था। अंशुमान गायकवाड़ ने इस मैच में 216 रनों की पारी खेली थी। जो अब तक कप्तान के तौर पर बड़ा रिकॉर्ड था। लेकिन इस रिकॉर्ड को लगभग 39 साल बाद ईशान किशन ने अपने नाम कर लिया।





