IPL इतिहास की टॉप 4 कप्तानी पारी: जिसमें बल्लेबाजों ने 45+ गेंदे ली अर्धशतक बनाने में

IPL में जहां तेज बल्लेबाजी देखने को मिलती है, वहीं कुछ कप्तानों ने मुश्किल परिस्थितियों में धीमी लेकिन अहम पारियां खेली हैं। जानिए IPL इतिहास की सबसे धीमी कप्तानी फिफ्टी के बारे में।

आईपीएल में आमतौर पर कप्तानों से तेज़ और विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद की जाती है, क्योंकि वे टीम को आगे से लीड करते हैं। लेकिन कई बार मैच की परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि कप्तानों को धीमी पारी खेलनी पड़ती है। 

आइए नजर डालते हैं IPL इतिहास में कप्तान के तौर पर सबसे धीमी फिफ्टी की पारी -

 कप्तानों की सबसे धीमी फिफ्टी

1. गौतम गंभीर – 51 गेंद vs चेन्नई सुपर किंग्स (2010)

कोलकाता के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर ने 2010 में CSK के खिलाफ 51 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। यह IPL में कप्तान के तौर पर सबसे धीमी अर्धशतक है। उस मैच में पिच काफी धीमी थी, जिससे रन बनाना आसान नहीं था। उस समय गौतम गंभीर दिल्ली के लिए खेलते थे। इन्होंने इस पारी में 56 गेंद में 57 रन की नाबाद पारी खेली थी।

2. डेविड वार्नर – 50 गेंद vs चेन्नई सुपर किंग्स (2021)

सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर ने 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ (28 अप्रैल 2021) 55 गेंदों में 57 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन अपनी धीमी बल्लेबाजी के लिए उन्होंने खुद को जिम्मेदार ठहराया क्योंकि SRH वह मैच 7 विकेट से हार गई थी। 

3. स्टीवन स्मिथ – 49 गेंद vs मुंबई इंडियंस (2017)

राइजिंग पुणे सुपरजायंट के कप्तान स्मिथ ने 2017 में MI के खिलाफ फाइनल में 49 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। उस मैच में उन्होंने एंकर की भूमिका निभाई थी। लेकिन टीम को मुंबई इंडियंस से फाइनल में 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।

4. रुतुराज गायकवाड़ – 49 गेंद vs गुजरात टाइटन्स (2026)*

2026 सीजन में CSK के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने GT के खिलाफ 49 गेंदों में फिफ्टी लगाई। इन्होंने पहले बहुत धीमी शुरुआत की लेकिन इस मैच के अंत तक इन्होंने 60 गेंदों में 74 रन को नाबाद पारी खेली। इस मैच में इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 25+ रन नहीं बनाए थे। मैच की परिस्थिति के हिसाब से देखा जाए तो यह एक कप्तानी और संयम भरी पारी थी।