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बेंगलुरु में NCA की जगह बनेगा Centre of Excellence, लागत होगी लगभग 500 Cr रुपये

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) को बदलकर एक नया क्रिकेट सेंटर बनाने की पहल की है। इसका नाम 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) को बदलकर एक नया क्रिकेट सेंटर बनाने की पहल की है। इसका नाम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) होगा। इसे बनाने पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

हम सभी जानते हैं कि NCA के प्रमुख राहुल द्रविड़ हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी के बाद इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में दो साल लगेंगे। जब से सौरव गांगुली BCCI के अध्यक्ष बने हैं तब से इस प्रोजेक्ट पर काम करने को लेकर चर्चा चल रही है। 

सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, भारतीय क्रिकेट के भविष्य के ब्लूप्रिंट पर चर्चा करने के लिए NCA प्रमुख राहुल द्रविड़ से मुलाकात की और दोनों ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी को बदलने के लिए बेंगलुरु में एक नई क्रिकेट संरचना का निर्माण करने पर जोर दिया है।

NCA 

NCA अभी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ परिसर के अंदर चलता है। प्रोजेक्ट में लगने वाली लागत बहुत बड़ी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार यह रक़म करीब 500 करोड़ रुपये है।  

BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "प्रोजेक्ट के लिए कोई अलग से पैसा नहीं दिया जा सकता है। प्रत्येक कार्य के लिए टेंडर जारी किया जायेगा। लेकिन प्रारंभिक खाका इस तरह से जा रहा है, यह अनुमान लगाया जाता है कि प्रोजेक्ट की लागत लगभग 500 करोड़ रुपये होगी। यह प्रोजेक्ट छह महीने देरी से चल रहा है, लेकिन नए BCCI शासन के साथ, काम पूरे जोरों पर शुरू हो गया है। BCCI को उम्मीद है कि CoE अगले दो सालों में पूरा हो जायेगा।  NCA के निदेशक राहुल द्रविड़ सक्रिय रूप से इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं।"

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में पिचे ऐसी बनेंगी जैसे विदेशों में पिचे बनती है। अधिकारी ने यह भी बताया कि मैदान का उपयोग जोनल गेम और वार्म-अप मैचों के लिए किया जा सकता है।मैदान का उपयोग घरेलू टूर्नामेंट के लिए भी किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे देशों में पिचों की तरह CoE में पिचे रहेंगी। 

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BCCI को पहले से ही एथलीट मॉनिटर सिस्टम और बायो-मैकेनिकल बॉलिंग कोच मिल गए हैं। क्रिकेट को और कैसे इम्प्रूव किया जाए और क्या तकनीक खेल में लायी जाए इस पर भी विचार चल रहा है।