धोनी के वनडे और टेस्ट के पहले शतक के बीच हैं 3 अजीब संयोग

धोनी की टेस्ट और वनडे की पहली सेंचुरी के बीच 3 सबसे बड़ा संयोग है जो शायद ही किसी बल्लेबाज़ के साथ दिखता है।

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पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारत के अबतक के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक रहे हैं। धोनी क्रिकेट मैदान पर अपने शांत स्वाभाव के लिए जाने जाते हैं। भारतीय टीम से खेलते हुए धोनी को लगभग 15 साल हो चुके है। लेकिन क्रिकेट से उन्होंने अभी भी संन्यास नहीं लिया है। फैंस अब भी उन्हें मैदान पर खेलते हुए देखना चाहते है। 

2019 के वर्ल्ड के बाद से धोनी भारतीय टीम से खेलते हुए नहीं दिखे हैं। अटकलें लगायी जा रही है कि वह कभी भी संन्यास ले सकते हैं। इसका संकेत हरभजन सिंह ने एक इंस्टाग्राम चैट के दौरान जिक्र भी किया था। इससे पहले चर्चा थी कि धोनी 2020 आईपीएल खेलने के बाद टीम इंडिया के साथ टी20 वर्ल्ड कप टीम में हिस्सा ले सकते हैं। 

आज हम धोनी की टेस्ट और वनडे में पहली सेंचुरी की बात करेंगे। धोनी की टेस्ट और वनडे की पहली सेंचुरी के बीच 3 सबसे बड़ा संयोग है जो शायद ही किसी बल्लेबाज़ के साथ दिखता है। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं। 

दरअसल धोनी ने अपना पहला वनडे और टेस्ट शतक पाकिस्तान के खिलाफ लगाया और दोनों फार्मेट में उनका स्कोर पहले शतक के दौरान 148 रन रहा। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर के 5वें मैच में यह किया।

जब उन्होंने वनडे में पाकिस्तान के खिलाफ पहला शतक लगाया तो वह अपने करियर का 5वां वनडे मैच खेल रहे थे। धोनी ने अपन पहले वनडे शतक की पारी में 15 चौके और 4 छक्के लगाए और वह 123 गेंदों पर 148 रनों की पारी खेलने में सफल रहे।

इसके अलावा जब उन्होंने टेस्ट में पहला शतक लगाया तो वह अपने करियर का 5वां टेस्ट मैच खेल रहे थे। 23 जनवरी 2006 को MS धोनी ने टेस्ट मैचों में अपना पहला शतक  फैसलाबाद में  पाकिस्तान के खिलाफ 153 गेंदों पर 148 रन बनाकर जमाया।

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इस तरह से धोनी के वनडे और टेस्ट के पहले शतक के बीच टीम, स्कोर और खेले गए मैच समान है। यह महज संयोग है। अक्सर ऐसा किसी के साथ देखा नहीं जाता है।  

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धोनी और सचिन तेंदुलकर के बीच एक रिकॉर्ड समान है। वह यह है कि दोनों अपने वनडे करियर में जब 7000 रन पूरा किया तो दोनों द्वारा खेले गए मैच समान थे। धोनी और सचिन ने अपने करियर के 189वें  मैच में वनडे क्रिकेट में 7000 रन पूरा किया।