3 ऐसे Match जब भारतीय क्रिकेटर ने विपक्षी टीम के लिए फील्डिंग की

क्या कभी आपने सोचा है कि भारत का कोई खिलाड़ी विरोधी टीम के लिए फील्डिंग क्यों करेगा? ऐसा हुआ है वो भी 3 बार। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं।

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क्या कभी आपने सोचा है कि भारत का कोई खिलाड़ी विरोधी टीम के लिए फील्डिंग क्यों करेगा? ऐसा हुआ है वो भी 3 बार। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं। 

1- सचिन तेंदुलकर का पाकिस्तान के लिए फील्डिंग करना 

1986-87 में पाकिस्तान ने 5 टेस्ट मैचों के लिए भारत का दौरा किया। एक मैच ब्रेबोर्न स्टेडियम में CCI के खिलाफ था। यह एक प्रैक्टिस मैच था। मैच के 40-वें ओवर में 13 वर्षीय सचिन तेंदुलकर को पाकिस्तान टीम के स्थानापन्न फील्डर के रूप में फील्डिंग करने के लिए भेजा गया था। 

यह तब हुआ था जब जावेद मियांदाद और अब्दुल कादिर लंच के समय मैदान से बाहर चले गए थे। सचिन ने अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे’ में इसका उल्लेख किया है। उन्हें कप्तान इमरान खान द्वारा लंबे समय के लिए फील्डिंग के लिए मैदान में तैनात किया गया था। 

मास्टर ब्लास्टर ने यह भी लिखा कि उन्होंने कपिल देव को आउट करने के वास्ते एक कैच पकड़ने के लिए लगभग 15 मीटर की दौड़ लगाई थी। हालांकि 2 साल बाद तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया। 

2- मनदीप सिंह का दक्षिण अफ्रीका A के लिए फील्डिंग करना 

2015 में  मनदीप सिंह को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका A के लिए फील्डिंग करने के लिए मैदान में उतरना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के 4  क्रिकेटर मैच के दौरान फ़ूड प्वाइजनिंग से पीड़ित थे, इन चार खिलाड़ियों के पेट में उस समय ऐठन हो रही था। मनदीप से पहले, अफ़्रीकी टीम के उनके वीडियो विश्लेषक हेंड्रिकस कोएर्टजन टीम के लिए फील्डिंग कर रहे थे।

इसके बाद, मंदीप ने उनके एक खिलाड़ी एडी लेई की जर्सी पहनी। मैच के बाद में 10 खिलाड़ियों को चेन्नई में फूड प्वाइजनिंग के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।

3- राहुल द्रविड़ ने स्कॉटलैंड के लिए फील्डिंग की 

Rahul Dravid

2003 के विश्व कप में  भारत के लिए कोचिंग करने वाले जॉन राइट ने राहुल द्रविड़ को स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय क्रिकेट लीग में स्कॉटलैंड सालिएटर्स का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रस्ताव भेजा।

उन्होंने 11 काउंटी मैच और पाकिस्तान के खिलाफ एक टूर मैच खेलने के लिए राहुल द्रविड़ को साइन किया। स्कॉटिश क्रिकेट यूनियन के मुख्य कार्यकारी ग्वेने जोन्स, सचिन तेंदुलकर को यह प्रस्ताव देना चाहते थे, लेकिन राइट द्रविड़ को चाहते थे।

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द्रविड़ ने टूर्नामेंट में अपना जादू दिखाया, जिसमें 66.66 की औसत से 600 रन बनाए। हालांकि द्रविड़ के प्रयास व्यर्थ गए, क्योंकि स्कॉटलैंड ने 12 मैचों में से केवल एक मैच जीता, जिसमें द्रविड़ खेले।